How to become a Commercial Pilot in India

आसमान में उड़ना किसी फैंटसी से कम नहीं होता। इस अनोखे रोमांच को तो वही शब्द दे सकता है जिसने पहली बार विमान यात्रा की हो। कितना अद्भुत होता है यह अनुभव? हवा की सनसनाहट और उपकरणों की गड़गड़ाहट के साथ आकाश में बैठे विमान की यात्रा जितनी रोचक होती है, उसे उड़ाने की प्रक्रिया उतनी ही जटिल। पायलट के सधे हुए हाथ और चौकन्नी आंखें इस यात्रा को मनोरम और सुरक्षित बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय रहती हैं। वास्तव में हर उड़ान पायलट के लिए एक नया अनुभव होता है। उड़ान के दौरान आकाश में कब कौन आकस्मिक घटना घट जाए वह स्वयं नहीं जानता। वास्तव में इस आशंकाओं के बीच रोमांचक जीवन की कामना करने वाले लोग ही पायलट का काम कर सकते हैं।

वायुयान का विकास एक समय उड़ान की कल्पना को साकार करने वाले मनोरंजक यंत्र के रूप में हुआ था लेकिन आज यह यातायात का सबसे तेज साधन बन गया है। भारत में विमान परिवहन तथा उड्डयन उद्योग का तेजी से विकास हो रहा है। 1954 के एयर कनवर्जेस एक्ट द्वारा सरकार ने टाटा द्वारा संचालित विमान सेवा का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इसके परिणाम स्वरूप एयर इंडिया और इंडियन एयर लाइंस का गठन हुआ। इस एक्ट के बाद निजी विमान कंपनियों का यात्री विमानन के क्षेत्र में प्रवेश सर्वथा प्रतिबंधित हो गया। 1994 में एयर कनवर्जेस ऐक्ट के रिविजन के बाद सरकार ने ओपन स्काई पॉलिसी की शुरुआत की। इसके बाद सहारा, दमानिया, किंगफिशर, एनईपीसी जैसी कई निजी विमान कंपनियों ने इस क्षेत्र में कदम रखे। एयर लाइंस की संख्या बढ़ने के साथ ही भारतीय आकाश में विमानों की संख्या में भी भारी बढ़ोत्तरी हुई। स्वाभाविक है कि इन विमानों को उड़ाने के लिए बड़ी संख्या में पायलटों की आवश्यकता होती है। पायलट बनकर आप भी एक बेहतरीन कैरियर के सपने को साकार कर सकते हैं। मगर इसके लिए जरूरी है कि आपके पास कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस हो।

प्रशिक्षण
कॉमर्शियल पायलट बनने के लिए अभ्यर्थी को भौतिकी और गणित विषयों के साथ 10+2 होना चाहिए। उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो। इसके साथ उसे शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ भी होना चाहिए। उपरोक्त पात्रता रखने वाले अभ्यर्थी डायरोक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा में बैठ सकते हैं। इसमें एयर रेगुलेशन, मेट्रोलॉजी, नेविगेशन, एयरक्राफ्ट टेक्निकल जनरल तथा टेक्निकल स्पेशल से जुड़े पांच पेपर होते हैं। इस परीक्षा को डीजीसीए वर्ष में चार बार जनवरी, अप्रैल, जुलाई तथा अक्टूबर में आयोजित करता है। कॉमर्शियल पायलट बनने के लिए यह परीक्षा पास करना जरूरी होती है। अभ्यर्थी डीजीसीए की वेबसाइट (www.dgca.nic.in) से इस परीक्षा का आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इस परीक्षा के लिए विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रशिक्षण पाठयक्रम संचालित किए जा रहे हैं। परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी को विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लेना होता है।

विमान उड़ाने का प्रशिक्षण डीजीसीए द्वारा मान्यता प्राप्त फ्लाइंग क्लबों में दिया जाता है। अभ्यर्थी को किसी फ्लाइंग क्लब का मेंबर बनना होता है। इसकी शुरुआत स्टूडेंट पायलट लाइसेंस लेने से होती है। हर फ्लाइंग क्लब में स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के साक्षात्कार आयोजित किया जाता है। डीजीसीए की निगरानी में ये साक्षात्कार माह में एक बार आयोजित होते हैं, इसमें एविएशन से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। अभ्यर्थी अपने नजदीकी फ्लाइंग क्लब में जाकर इस साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। इसके बाद उसकी शारीरिक जांच होती है। इन परीक्षणों से सफलतापूर्वक गुजरने के बाद स्टूडेंट पायलट लाइसेंस मिल जाता है और अभ्यर्थी उस क्लब में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण शुरू कर देता है। कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए 200 घंटे विमान उड़ाने का अभ्यास अनिवार्य होता है। इसमें 100 घंटे की उड़ानें अकेले (बिना प्रशिक्षक के) होनी चाहिए। पायलट एवं प्रशिक्षक कैप्टन शैलेंद्र कहते हैं कि आज पायलट की डिमांड को देखते हुए सरकार ने पायलट बनने की प्रक्रिया को ज्यादा आसान बना दिया है। जहां पहले 250 घंटों की उड़ान आवश्यक थी वहीं अब 200 घंटों में ही लाइसेंस मिल जाता है। इस छूट का लाभ उठाकर उत्साही युवा इस क्षेत्र में आसानी से कदम रख सकते हैं।

खर्च
विमानों को उड़ाना काफी खर्चीला होता है। प्रशिक्षण के दौरान फ्लाइंग क्लब में उड़ान भरने का खर्च छात्र को ही वहन करना होता है। इसमें कुल मिलाकर 6.5 से 7 लाख रुपये खर्च आता है। प्रति घंटे उड़ान का खर्च 3000-3200 सौ रुपये है। इस प्रकार 6-6.5 लाख रुपये उड़ान के अभ्यास में खर्च हो जाता है। इसके अलावा 40 से 50 हजार रुपये का व्यय छात्र को डीजीसीए द्वारा आयोजित परीक्षा की कोचिंग के लिए करना होता है। पायलट प्रशिक्षण के लिए खर्च होने वाली राशि आम छात्र के लिए काफी अधिक है, लेकिन इसके लिए भी कई बैंकों द्वारा लोन की सुविधा दी जा रही है। डीजीसीए की परीक्षा पास करने के बाद छात्र लोन के लिए आवेदन कर सकता है।

संभावनाएं
अनुग्रह एलाइड एविएशन सर्विसेज के डायरेक्टर कैप्टन एलेक्स कहते हैं- आज भारतीय एविएशन इंडस्ट्री में तेजी का दौर चल रहा है। पिछले दस सालों को देखें तो पाएंगे कि पूरे एविएशन का नक्शा ही बदल गया है। आज बड़ी संख्या में प्राइवेट एयर लाइंस काम कर रही हैं, एयर पोर्ट तथा एविएशन से जुड़ी अन्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। 2009 तक देश में 10 हजार नए पायलट्स की जरूरत होगी। उड्डयन उद्योग में पायलट्स की भारी मांग है। नए पायलटों के अभाव में निजी विमान कंपनियां ज्यादा वेतन का लालच देकर एयर इंडिया तथा इंडियन एयर लाइंस के पायलटों को अपने पास बुला रही हैं। पिछले माह कुछ एयर फोर्स पायलटों ने निजी एयर लाइंस ज्वाइन की थी। आज फाल्कन, सहारा, एनइपीसी, दमानिया, किंगफिशर जैसी निजी विमान सेवाएं चल रहीं हैं। आने वाले समय में इंडस, इंडिगो, स्पाइस, मैजिक जैसी नई विमान सेवाओं के शुरू होने की संभावना है। पायलट का मासिक वेतन 1.5 से 2 लाख के बीच होता है। इसका आकर्षण किसी को भी इस क्षेत्र में सहसा आकर्षित कर सकता है।

संस्थान
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी
फुरसतगंज एयर फील्ड, रायबरेली- 229302 फोन : 0535-202096,202097 वेबसाइट : www.igrua.com
अनुग्रह एलाइड एविएशन
सी-33, द्वितीय तल, अमर कालोनी, लाजपत नगर-4, नई दिल्ली- 110024 फोन : 011-55644543 वेबसाइट : www.falconairways.com
दिल्ली फ्लाइंग क्लब,
सफदरजंग एयर पोर्ट, नई दिल्ली- 110003, फोन : 011-24618931 वेबसाइट : dfc_akgupta@hotmail.com U
अमेरिकन फ्लायर्स
37, वीरवानी इंडस्ट्रियल एरिया, गुड़गांव
हरियाणा इंस्टीटयूट ऑफ एविएशन,
पोस्ट बॉक्स-30, सिविल एयरोड्रम, करनाल हरियाणा- 132001, फोन: 0184-2267531
मद्रास फ्लाइंग क्लब
चेन्नई, तमिलनाडु, फोन : 0445-22561709
यश एयर
विद्यापीठ, 17 रेस कोर्स रोड, इंदौर मध्यप्रदेश- 452001 फोन: 0731-433232
फ्लाइटेक एविएशन एकेडमी
295, ए1-कौसर, रोड न.-10, स्ट्रीट न.-1, वेस्ट मारेदल्ली, सिकंदराबाद आंध्रप्रदेश- 500026,  फोन : 0040-55496900
अहमदाबाद एविएशन एंड एयरोनाटिक्स
एएए हैंगर, नियर ओल्ड टर्मिनल,एयरपोर्ट अहमदाबाद- 380012,  फोन : 079-2866533, 2863468
बाम्बे फ्लाइंग क्लब
जूहू एयरोड्रम, सांताक्रूज वेस्ट, मुंबई
बिहार फ्लाइंग इंस्टीटयूट
सिविल एयरोड्रम, पटना
करनाल एविएशन क्लब,
करनाल रोड, करनाल
हिसार एविशन क्लब
टेक्सटाइल रोड, सिरसा बाईपास, हिसार
पिंजैर एविएशन क्लब
सिविल एयरोड्रम, अम्बाला

ग्राउंड सब्जेक्ट का भी रखें ध्यान
आज कॉमर्शियल पायलट भारी डिमांड में हैं। निजी एयर लाइंस के कारोबार में उतरने से इनके लिए नित नए अवसर सृजित हो रहे हैं। भारी संख्या में मांग को देखते हुए सरकार ने पायलट बनने की प्रक्रिया को भी पहले से काफी आसान कर दिया है। इन सभी विषयों पर दिल्ली फ्लाइंग क्लब के चीफ इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर एलडी बाटला से बातचीत की गई। विंग कमांडर बाटला एयर फोर्स में पायलट रहे हैं।

पायलट के लिए आज क्या अवसर उपलब्ध हैं?
आज भारत में पायलट्स की शार्टेज है। जितने पायलटों की जरूरत है, उतने पायलट देश में उपलब्ध नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में निजी कंपनियों के आने के कारण डिमांड में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। आज इस फील्ड में युवा तेजी से प्रवेश कर रहे हैं।
पायलट बनने के लिए क्या क्षमताएं होनी चाहिए?

सबसे पहली जरूरत है अनुशासन और समय पालन की। पायलट के लिए यह सबसे जरूरी है । विमान जब हवा में होता है तो एक क्षण की देरी या अनुशासनहीनता सभी यात्रियों का जीवन खतरे में डाल सकती है। इसके अलावा एक पायलट में क्राइसिस मैनेजर के गुण होने चाहिए। उड़ान के दौरान सभी सावधानियों के बावजूद ऐसे मौके आते हैं जिसकी कल्पना आप सहज नहीं कर सकते हैं। ऐसे मौके पर एक पायलट में खुद को नियंत्रित रखने की क्षमता होनी चाहिए।
फ्लाइंग क्लब में किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है?
फ्लाइंग क्लब में आपको उड़ान का अभ्यास कराया जाता है। इसमें सौ घंटे की उड़ान आप प्रशिक्षक की निगरानी में करते हैं और सौ घंटे की उड़ान अकेले भरनी होती है। इसमें प्लेन के टेकऑफ, मैन्यूवर इत्यादि का अभ्यास कराया जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उड़ान की एक-एक बारीकी को समझना जरूरी है। रात में या खराब मौसम में विमान को कैसे नियंत्रित करते हैं, इन बातों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। वास्तव में इन्हीं परिस्थितियों में एक पायलट की क्षमता का परीक्षण होता है। इसके साथ पायलट को ग्राउंड सब्जेक्टस, जिनका अध्ययन वह डीजीसीए की परीक्षा के लिए करता है, का भी ध्यान रखना चाहिए। अच्छी एयर लाइंस में नियुक्ति के समय इसके विषय में पूछा जाता है।
पायलट ट्रेनिंग में कितना खर्च आता है?
पायलट ट्रेनिंग के दौरान 6 से 7 लाख रुपये खर्च होते हैं। लेकिन बैंक ऋणों की सुविधा के कारण छात्रों के लिए यह खर्च बड़ी समस्या नहीं है। नौकरी मिलने के बाद कुछ समय में ही वे यह ऋण वापस कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *