How to make a career in Mountaineering

पर्वतों की असीम ऊंचाइयों को फतह करने की इच्छा रखने वाले साहसी लोगों के लिए रॉक क्लाइंबिंग हमेशा से ही आकर्षण और रोमांच का केंद्र रहा है। यह शौक भी है, खेल भी और अब कैरियर का बेहतर विकल्प भी।

साहसी लोग हमेशा कुछ ऐसा करना चाहते हैं जिसमें भरपूर रोमांच हो। रॉक क्लाइंबिंग भी एक ऐसा ही क्षेत्र है। पर्वत शिखरों को फतह करना ही रॉक क्लाइंबिंग कहलाता है। हाल के वर्षो में इस रोमांचकारी शौक को युवाओं ने कैरियर के रूप में भी लिया है। रॉक क्लाइंबिंग खेल भी है, शौक भी और अब कैरियर का बेहतर विकल्प भी। पिछले कुछ वर्षो से इस क्षेत्र में कैरियर की संभावनाएं काफी बढ़ी हैं। माउंट एवरेस्ट की पहली बार चढ़ाई करने वाले तेनजिंग नोर्गे ने हिमालय पर्वत के धौलाधार रेंज को पर्वतारोहण, ट्रैकिंग तथा अन्य रोमांचक खेलों के सर्वाधिक उपयुक्त बताया है। लेकिन इस जोखिम भरे क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण लेना होता है। साथ ही पर्वतारोहण के दौरान आवश्यक उपकरणों से लैस होने के अलावा सुरक्षा संबंधी सभी सावधानियों का पूरा ध्यान रखना पड़ता है।

श्रेणियां : पर्वतारोहण को एक से तीस श्रेणियों में बांटा गया है। तत्काल चढ़ाई में ग्रेड 31 अधिकतम है। अनुभवी क्लाइंबर ग्रेड 10 की चोटी से शुरुआत करते हैं जबकि प्रशिक्षु को ग्रेड वन की चोटी दी जाती है।

योग्यता : पर्वतारोहण में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिकुलेशन है। इसके अलावा शारीरिक तथा मानसिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है। हिंदी तथा अंग्रेजी की जानकारी भी आवश्यक है।

नामांकन प्रक्रिया : अगस्त, जनवरी तथा फरवरी को छोड़कर बाकी सभी महीनों में यह कोर्स कराया जाता है। आमतौर पर कोर्स मार्च से आरंभ होता है। रॉक क्लाइंबिंग के कोर्स में भारतीयों के साथ विदेशी भी प्रवेश ले सकते हैं।

पाठ्यक्रम
पर्वतारोहण के अंतर्गत बहुत से कोर्स आते हैं। अलग-अलग कोर्सेज के लिए समय- सीमा, एक बैच में अभ्यर्थियों की संख्या, उम्र, शुल्क तथा पाठ्यक्रम के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित है।

हाई एल्टीट्यूड कोर्स : इसके लिए उम्र 12-50 वर्ष निर्धारित है। यह 8 से 10 दिनों का कोर्स होता है। इसमें मार्च से दिसंबर तक नामांकन कराया जा सकता है।

रॉक क्लाइंबिंग : यह कोर्स आठ दिनों का होता है। इसके लिए उम्र सीमा 12-50 वर्षो के बीच है। मार्च से दिसंबर तक यह कोर्स कराया जाता है।

एडवेंचर कोर्स : यह कोर्स 10- 14 दिनों का होता है। इसके लिए उम्र सीमा 12-18 वर्ष के बीच है। जुलाई-अगस्त छोड़कर पूरे वर्ष इसमें नामांकन कराया जा सकता है।

ट्रेकिंग गाइड कोर्स : यह कोर्स 14 दिनों का होता है। इसके लिए उम्र 18-50 वर्षो के बीच होनी चाहिए।

माउंटेन रेस्क्यू कोर्स : यह कोर्स 14 दिनों का होता है। इसके लिए भी उम्र 18-50 के बीच होनी चाहिए। शॉर्ट ड्यूरेशन लक्जरी कोर्स : यह 3-5 दिनों का होता है, जिसमें 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से फीस ली जाती है। इसके लिए उम्र सीमा 18-50 वर्ष निर्धारित है। स्कूली बच्चों के लिए भी पर्वतारोहण केंद्रों में कोर्स चलाए जाते हैं। यह कोर्स 3-5 दिनों का होता है जिसके लिए फीस 250 रुपये प्रतिदिन है।

संभावनाएं : पर्वतारोहण क्षेत्र से 25 वर्षो से जुडे़ क्षेत्रीय पर्वतारोहण कार्यालय, मैक्लोडगंज के वरिष्ठ पर्यवेक्षक एसआर सैनी का कहना है कि 2-3 महीने का कोर्स करने के बाद युवा आसानी से स्वरोजगार अपना सकते हैं। इसमें आय भी अच्छी खासी होती है। युवा प्राइवेट कंपनियों में गाइड की नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रमुख संस्थान :
क्षेत्रीय पर्वतारोहण केंद्र, मैक्लोडगंज, धर्मशाला फोन नं.: 01892-221787
निदेशालय पर्वतारोहण एवं संबंधित खेल विभाग, मनाली
क्षेत्रीय जलक्रीड़ा केंद्र, पौंग डेम, कांगड़ा पर्वतारोहण केंद्र, भरमौर, चंबा
पर्वतारोहण केंद्र, जिसपा, लाहौल स्पिति
एडवेंचर ट्रेनिंग सेंटर, शिमला
पदयात्रा एवं स्कीईग केंद्र, नारकंडाशिमला
, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी
जवाहर इंस्टीटयूट ऑफ माउंटेनरिंग एंड विंटर स्पो‌र्ट्स, बटोत, जम्मू एंड कश्मीर
तेनजिंग नोर्गे माउंटेनरिंग इंस्टीटयूट, दार्जीलिंग

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